भाकपा माले ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत बचाव कार्य में नाकाम रही है।
पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि बिहार के 13 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजधानी पटना के पुनपुन, मसौढ़ी सहित कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है, बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और कई परिवारों के घर बह गए हैं। खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे बाढ़ पीड़ितों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुणाल ने सरकार से मांग की है कि बाढ़ से प्रभावित सभी इलाकों को तत्काल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए तथा बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। जिन लोगों के घर बाढ़ में बह गए हैं और जिनकी फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें भी तत्काल पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
भाकपा माले के पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने पुनपुन और मसौढ़ी इलाके का दौरा कर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया और सरकार से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें सरकार ने अभी तक बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किया है, जबकि वहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
पुनपुन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने, तत्काल राहत कार्य शुरू करने तथा बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर भाकपा माले 7 सितंबर को अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन करेगी।
भोजपुर जिले में भी बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बड़हरा, शाहपुर, बिहिया, आरा और कोईलवर प्रखंडों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर भाकपा माले के सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भोजपुर जिलाधिकारी से मुलाकात की।
सुदामा प्रसाद ने कहा कि बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव सहित कई अन्य गांव में गंगा नदी के कटाव से सात गरीब परिवारों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं!कई अन्य घर भी ‘डेंजर जोन’ में आ गए हैं और खाली किए जा रहे हैं!घर छोड़ने को मजबूर अनेक परिवार विद्यालयों,बांधों एवं अन्य अस्थायी स्थानों पर शरण लिए हुए हैं!उनके सामने भोजन,आवास,पेयजल,स्वास्थ्य सुविधा,बच्चों की पढ़ाई तथा पशुओं के चारा-दाना जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का गंभीर संकट खड़ा है।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के समक्ष बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति रखते हुए राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और उन्हें तत्काल भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित स्थान तथा अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
भाकपा माले ने कहा कि सरकार केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाए। बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पार्टी ने कहा कि बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके हाल पर छोड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी प्रभावित इलाकों को तत्काल बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत, मुआवजा और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है।
(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)